12 जून, 2025 को अहमदाबाद में एक भयानक विमान दुर्घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। एयर इंडिया की उड़ान AI-171, एक बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर, जो लंदन के गैटविक हवाई अड्डे के लिए रवाना हुई थी, उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद मेग्हानी नगर के एक आवासीय क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस दुर्घटना में कम से कम 265 लोगों की जान चली गई, जिसमें विमान में सवार 241 यात्री और चालक दल के सदस्य, साथ ही जमीन पर 24 लोग शामिल थे। यह घटना पिछले एक दशक से अधिक समय में सबसे घातक वाणिज्यिक विमानन दुर्घटना मानी जा रही है। इस लेख में, हम इस त्रासदी की शुरुआत से लेकर वर्तमान स्थिति तक की पूरी कहानी को विस्तार से प्रस्तुत करेंगे।
घटना का क्रम
उड़ान AI-171 ने 12 जून, 2025 को दोपहर 1:38 बजे स्थानीय समय पर अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरी। विमान में 242 लोग सवार थे, जिनमें 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई नागरिक शामिल थे। उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद, विमान ने मेयडे कॉल की, जो आपातकालीन स्थिति का संकेत देता है, लेकिन इसके बाद कोई संपर्क नहीं हुआ। उस समय विमान की ऊंचाई लगभग 625 फीट (190 मीटर) थी, और गति लगभग 320 किमी/घंटा थी।
विमान मेग्हानी नगर के एक आवासीय क्षेत्र में, विशेष रूप से बीजे मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर्स हॉस्टल पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दुर्घटना ने न केवल विमान में सवार लोगों को प्रभावित किया, बल्कि जमीन पर रहने वाले कई लोगों की जान भी ले ली। तत्काल बचाव कार्य शुरू किए गए, जिसमें स्थानीय पुलिस, अग्निशमन दल और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) शामिल थे। बचावकर्मियों ने मलबे में फंसे लोगों को निकालने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया।
संभावित कारण
विमानन विशेषज्ञों ने दुर्घटना के संभावित कारणों पर कई संभावनाएं जताई हैं। कुछ प्रमुख संभावनाएं निम्नलिखित हैं:
- मानवीय त्रुटि: विशेषज्ञों का मानना है कि फ्लैप्स की गलत स्थिति या लैंडिंग गियर का नीचे रह जाना दुर्घटना का कारण हो सकता है।
- पक्षी आघात: कुछ विशेषज्ञों ने पक्षी आघात की संभावना जताई है, हालांकि इसकी संभावना कम मानी जा रही है।
- पायलटों का ध्यान भटकना: यह भी संभव है कि पायलट किसी अन्य कार्य में व्यस्त थे, जिसके कारण लैंडिंग गियर को ऊपर नहीं उठाया गया।
राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड ने विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया है, जो उड़ान डेटा और कॉकपिट ध्वनि रिकॉर्डिंग प्रदान करेगा। विशेषज्ञ इस ब्लैक बॉक्स का विश्लेषण कर रहे हैं ताकि दुर्घटना का सटीक कारण पता लगाया जा सके।
इकलौता बचा इंसान
इस भयानक दुर्घटना में केवल एक व्यक्ति, विश्वाशकुमार रमेश, जीवित बचे। विश्वाशकुमार, जो एक ब्रिटिश नागरिक हैं, विमान में सीट 11A पर बैठे थे, जो आपातकालीन निकास के पास थी। उनके भाई ने बताया कि विश्वाशकुमार को यह समझ नहीं आ रहा कि वह कैसे बच गए। विमानन विशेषज्ञों का अनुमान है कि उनकी सीट आपातकालीन निकास के पास होने के कारण वह दुर्घटना के समय बाहर फेंक दिए गए होंगे। वर्तमान में, विश्वाशकुमार अहमदाबाद के सिविल हॉस्पिटल में इलाजरत हैं, और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। उनकी जीवित रहने की कहानी को “लगभग अविश्वसनीय” माना जा रहा है।
पीड़ितों की कहानियां
दुर्घटना में विमान में सवार 241 लोगों की मौत हो गई, जिनमें यात्री और चालक दल शामिल थे। चालक दल में कप्तान सुमीत सभरवाल (60 वर्ष, 8,200 से अधिक उड़ान घंटे) और सह-पायलट क्लाइव कुंदर (1,100 उड़ान घंटे, ड्रीमलाइनर के लिए प्रमाणित) शामिल थे। दोनों की इस दुर्घटना में मृत्यु हो गई।
जमीन पर, कम से कम 24 लोगों की मौत हुई, जिनमें 4 चिकित्सा छात्र और उनके 4 रिश्तेदार शामिल थे। इनमें से एक 15 वर्षीय अकाश था, जिसकी मृत्यु हो गई, जबकि उसकी मां सीता बेन घायल हो गईं जब वह उसे बचाने की कोशिश कर रही थीं। एक अन्य दुखद कहानी में, 25 वर्षीय एक युवक, जो अपने पिता के अंतिम संस्कार के बाद लौटा था, भी इस दुर्घटना में मारा गया। ये कहानियां इस त्रासदी के मानवीय प्रभाव को दर्शाती हैं।
निम्नलिखित तालिका दुर्घटना के मुख्य तथ्यों को संक्षेप में प्रस्तुत करती है:
श्रेणी | विवरण |
---|---|
स्थान | अहमदाबाद, गुजरात, भारत (मेग्हानी नगर, बीजे मेडिकल कॉलेज हॉस्टल मेस) |
दिनांक | 12 जून, 2025 |
उड़ान विवरण | एयर इंडिया उड़ान AI-171, बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर, लंदन के लिए |
सवार लोगों की संख्या | 242 (169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली, 1 कनाडाई) |
हवाई हताहत | 241 (केवल 1 उत्तरजीवी, विश्वाशकुमार रमेश, ब्रिटिश नागरिक, सीट 11A) |
जमीन पर हताहत | कम से कम 24, जिसमें 4 चिकित्सा छात्र और 4 रिश्तेदार शामिल हैं |
पायलट विवरण | कप्तान सुमीत सभरवाल (60, 8,200+ उड़ान घंटे), सह-पायलट क्लाइव कुंदर (1,100 उड़ान घंटे) |
प्रतिक्रिया | पीएम नरेंद्र मोदी और एयर इंडिया सीईओ कैंपबेल विल्सन ने दुर्घटना स्थल का दौरा किया |
पहचान प्रक्रिया | सिविल हॉस्पिटल में डीएनए नमूने लिए जा रहे हैं |
जांच | ब्लैक बॉक्स बरामद, विश्लेषण जारी |
आधिकारिक प्रतिक्रिया
दुर्घटना के बाद, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 जून को दुर्घटना स्थल का दौरा किया और लगभग 20 मिनट तक मलबे का मुआयना किया। उनके साथ केंद्रीय विमानन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू भी थे। हालांकि, उन्होंने पत्रकारों से कोई बात नहीं की। एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने भी 13 जून की सुबह दुर्घटना स्थल का दौरा किया, लेकिन उन्होंने भी कोई टिप्पणी नहीं की। इससे पहले, उन्होंने एक बयान में इस घटना पर “गहरा दुख” व्यक्त किया था।
पहचान प्रक्रिया
दुर्घटना की गंभीरता के कारण, पीड़ितों की पहचान करना एक जटिल और समय लेने वाली प्रक्रिया है। अहमदाबाद के सिविल हॉस्पिटल में पीड़ितों के परिवारों से डीएनए नमूने लिए जा रहे हैं ताकि शवों की पहचान की जा सके। यह प्रक्रिया अभी भी जारी है, और अधिकारियों का कहना है कि इसमें कुछ समय लग सकता है।
जांच और अगले कदम
राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) ने दुर्घटना स्थल से विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया है, जो उड़ान डेटा और कॉकपिट वार्तालाप को रिकॉर्ड करता है। यह ब्लैक बॉक्स दुर्घटना के कारणों को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि विश्लेषण से यह पता चल सकता है कि क्या यह दुर्घटना तकनीकी खराबी, मानवीय त्रुटि, या किसी बाहरी कारक जैसे पक्षी आघात के कारण हुई।
दुर्घटना स्थल पर अभी भी मलबा मौजूद है, जिसमें विमान का जला हुआ पंख भी शामिल है। क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, और जांच दल मौके पर पहुंच चुके हैं। बचावकर्मी अभी भी लापता लोगों और शवों की तलाश में इमारतों और आसपास के क्षेत्रों का मुआयना कर रहे हैं। दुर्घटना स्थल पर धुएं और जले हुए धातु की गंध अभी भी मौजूद है, जो इस त्रासदी की भयावहता को दर्शाती है।
एयर इंडिया का इतिहास और संदर्भ
यह दुर्घटना एयर इंडिया के लिए बोइंग 787 ड्रीमलाइनर की पहली घातक दुर्घटना है। हालांकि, एयर इंडिया का विमान दुर्घटनाओं का इतिहास रहा है। कुछ उल्लेखनीय घटनाएं निम्नलिखित हैं:
- 2020 कोझीकोड दुर्घटना: 18 लोगों की मौत।
- 2010 मंगलुरु दुर्घटना: 158 लोगों की मौत।
ये घटनाएं विमान सुरक्षा और प्रशिक्षण की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं। इस नवीनतम दुर्घटना ने एक बार फिर एयर इंडिया और बोइंग 787 की सुरक्षा प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए हैं।
सामाजिक और वैश्विक प्रभाव
इस दुर्घटना ने न केवल भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी प्रभावित किया है। 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई नागरिक की मृत्यु ने इस त्रासदी को वैश्विक स्तर पर ध्यान में लाया है। X पर कई पोस्ट्स में इस घटना की चर्चा हुई, जिसमें कुछ ने दुर्घटना स्थल के रूप में मेग्हानी नगर और बीजे मेडिकल कॉलेज हॉस्टल मेस की पुष्टि की। हालांकि, कुछ अपुष्ट दावों, जैसे पूर्व गुजरात मुख्यमंत्री विजय रूपानी की उपस्थिति, को विश्वसनीय स्रोतों द्वारा सत्यापित नहीं किया गया और इसलिए इसे शामिल नहीं किया गया।
अहमदाबाद में हुई इस विमान दुर्घटना ने न केवल स्थानीय समुदाय बल्कि पूरे विश्व को झकझोर कर रख दिया है। 265 से अधिक लोगों की मौत ने इस घटना को एक दशक से अधिक समय में सबसे घातक विमानन दुर्घटना बना दिया है। जांच अभी भी जारी है, और ब्लैक बॉक्स का विश्लेषण जल्द ही इस त्रासदी के कारणों को उजागर कर सकता है। इस बीच, पीड़ितों के परिवारों के लिए यह एक कठिन समय है। सरकार और एयर इंडिया ने उनकी सहायता के लिए प्रतिबद्धता जताई है। हम इस त्रासदी में अपने प्रियजनों को खोने वालों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और आशा करते हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।